ब्रिट बोर्ड

ब्रिट बोर्ड का गठन 01 मार्च, 1988 को परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा किया जो ब्रिट द्वारा निष्पादित विभिन्न कार्यक्रमों की योजना और कार्यान्वयन के लिए दिशा निर्देश स्थापित करता है । निदेशक, बीएआरसी ब्रिट बोर्ड की अध्यक्षता करते हैं और विभिन्न सदस्य नीचे सूचीबद्ध हैं। मुख्य कार्यकारी, ब्रिट इस बोर्ड के संयोजक के रूप में कार्य करते है।

क्रमांक बोर्ड सदस्य भूमिका
1. निदेशक, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई अध्यक्ष
2. मुख्य कार्यकारी, विकिरण एवं आइसोटोप प्रौद्योगिकी बोर्ड, नवी मुंबई सदस्य एवं संयोजक
3. प्रमुख, परमाणु नियंत्रण और योजना विंग, परमाणु ऊर्जा विभाग, मुंबई सदस्य
4. संयुक्त सचिव (आई एंड एम), परमाणु ऊर्जा विभाग, मुंबई सदस्य
5. संयुक्त सचिव (वित्त), परमाणु ऊर्जा विभाग, मुंबई सदस्य
6. निदेशक (तक), एनपीसीआईएल सदस्य
7. निदेशक, कैंसर उपचार, अनुसंधान एवं शिक्षा प्रगत केंद्र, नवी मुंबई सदस्य
8. कार्यकारी निदेशक ( नियामक प्रचालन), एईआरबी सदस्य
9. निदेशक/सह निदेशक, जैव-विज्ञान वर्ग, बीएआरसी, मुंबई सदस्य
10. निदेशक/सह निदेशक, मेडिकल ग्रुप, बीएआरसी, मुंबई सदस्य
11. निदेशक/सह निदेशक, नाभिकीय पुनर्चक्रण वर्ग, बीएआरसी, मुंबई सदस्य
12. निदेशक/सह निदेशक, आरसी एंड आईजी, बीएआरसी, मुंबई सदस्य
13. निदेशक / सह निदेशक, रिएक्टर वर्ग, बीएआरसी, मुंबई सदस्य
14. निदेशक श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रीयल रिसर्च, नई दिल्ली सदस्य
15. डीजीएम (सी एंड आई और एस एंड एम), ब्रिट, नवी मुंबई गैर-सदस्य सचिव
ब्रिट बोर्ड के कार्य 
  • इस संबंध में सरकार/योजना आयोग के सामान्य/विशिष्ट दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए इकाई की पंचवर्षीय योजनाओं, वार्षिक योजनाओं और व्यक्तिगत योजना परियोजनाओं/स्कीमों पर विचार करना और सरकार के अनुमोदन के लिए सिफारिश करना।
  • इकाई के वार्षिक बजट अनुमानों और संशोधित अनुमानों (गैर-योजना और योजना व्यय/प्राप्तियों) पर विचार करना और सरकार के अनुमोदन के लिए सिफारिश करना।
  • उपर्युक्त (क) और (ख) के अनुरूप इकाई के कार्य, उत्पादन, बिक्री आदि के वार्षिक कार्यक्रम पर विचार करना और उसे अनुमोदित करना, जिसमें उत्पादन संबंधी प्रोत्साहनों के प्रयोजनों के लिए कार्य के वार्षिक भौतिक लक्ष्यों का अनुमोदन भी शामिल है, बशर्ते कि कार्य, उत्पादन आदि के कार्यक्रम से संबंधित सूचना, जिसे मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा गोपनीय माना जाता है या जिसे परमाणु ऊर्जा विभाग के अनुदेशों के तहत इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है, बोर्ड द्वारा ऐसे विचार से बाहर रखा जाएगा।
  • इकाई की योजना परियोजनाओं/स्कीमों तथा अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक/तकनीकी गतिविधियों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करना तथा उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सुझाव देना।
  • समय-समय पर डीएई द्वारा अलग से अधिसूचित वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन की योजना के अनुसार नई (गैर-योजना) परियोजनाओं पर व्यय के साथ-साथ कार्यों, उपकरणों/मशीनों/सामग्री/आपूर्तियों और परामर्शों की खरीद के लिए अनुबंध प्रदान करने के प्रस्तावों पर विचार करना और सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के लिए सिफारिश करना। विदेश में या भारत के भीतर उच्च अध्ययन के लिए असाधारण छुट्टी/अध्ययन अवकाश प्रदान करने के मामलों पर विचार करना और मुख्य कार्यकारी को सिफारिश करना।
  • देश के अंदर (पऊवि के बाहर) या विदेश में अन्य संस्थाओं/संगठनों के साथ वैज्ञानिक/तकनीकी सहयोग (वाणिज्यिक संयुक्त उद्यम या समझौता ज्ञापन में प्रवेश सहित) से संबंधित मामलों पर विचार करना और मुख्य कार्यकारी को सिफारिश करना।
  • संगठन के भीतर किसी भी नई अनुसंधान एवं विकास गतिविधि पर विचार करना और उसे अनुमोदित करना, जो किसी विशिष्ट (योजना/गैर-योजना) योजना/परियोजना में शामिल न हो।
  • इकाई की परियोजनाओं और सेवाओं के मूल्य निर्धारण के लिए प्रस्तावों पर विचार करना और उन्हें अनुमोदित करना (या सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के लिए अनुशंसा करना), विशिष्ट/सामान्य सरकारी दिशा-निर्देशों और विषय पर शक्तियों के प्रत्यायोजन के अनुसार। वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति के मामलों पर विचार करना और मुख्य कार्यकारी को अनुशंसा करना, उस संबंध में मौजूदा मानदंडों में छूट देना।
  • अतिरिक्त पदों के सृजन (योग्यता पदोन्नति योजना के अंतर्गत पदोन्नति के लिए अतिरिक्त पदों को छोड़कर) के प्रस्तावों पर विचार करना तथा सिफारिशें करना, कर्मचारी कल्याण एवं प्रोत्साहन के लिए उपाय करना तथा भर्ती के बाद कर्मचारियों के प्रशिक्षण से संबंधित सभी मामलों पर विचार करना तथा सिफारिशें करना।
  • इकाई के कामकाज पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (और अन्य निरीक्षण प्राधिकारियों) की टिप्पणियों की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा करना तथा कार्य निष्पादन में सुधार लाने और/या कमियों की पुनरावृत्ति से बचने के लिए इकाई द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करना।
  • मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बोर्ड के किसी अन्य सदस्य या परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा संदर्भित किसी अन्य मामले पर विचार करना तथा निर्णय लेना।